आपको राजस्थान वेलबीइंग पहल के तहत चुना गया है। यहाँ आपकी एक्सेस और आगे क्या करना है — सब कुछ की जानकारी दी गई है।
PeakMind में साइन इन करें →राजस्थान प्रोग्राम के तहत आपको पहले से एक्सेस दी जा चुकी है। शुरू करने के लिए ये आसान चरण अपनाएँ:
अपने फोन या कंप्यूटर के ब्राउज़र मेंweb.peakmind.inखोलें। यही आपका मुख्य प्लेटफ़ॉर्म है।
"Sign In" बटन दबाएँ —"Sign Up" नहीं। आपका अकाउंट पहले से मौजूद है, कुछ बनाने की ज़रूरत नहीं।
वहईमेल ID या मोबाइल नंबरडालें जो आपके कॉलेज ने रजिस्टर कराया है। कोई पासवर्ड नहीं — PeakMind आपके नंबर परOTP भेजेगा। OTP न मिले तो स्पैम/जंक फोल्डर भी देखें।
आप अंदर हैं! इस महीने की थीम देखें, वर्कशॉप जॉइन करें और अपना पहला मूड चेक-इन करें।
हर महीने वेलबीइंग के एक पहलू पर गहराई से काम — वर्कशॉप, गतिविधियाँ और उसी थीम पर एक असेसमेंट।
हर महीने एकनई थीम→ उस थीम पर2 वर्कशॉप→ और एकथीम असेसमेंटजो आपकी प्रगति मापे। 📈
45–60 मिनट के इंटरैक्टिव ग्रुप सेशन, हर महीने दो बार — इस महीने की वेलबीइंग थीम पर।
| वर्कशॉप | दिनांक और समय | थीम फोकस | लिंक |
|---|---|---|---|
| लोड हो रहा है… | |||
हर महीने, थीम से जुड़ी एक विज्ञान-आधारित असेसमेंट — अपनी वेलबीइंग की गहरी जानकारी और समय के साथ प्रगति ट्रैकिंग।
अनुमान छोड़ें — अपनी मानसिक फिटनेस की सच्चाई जानें और महीने-दर-महीने अपनी प्रगति देखें!
छोटी-छोटी आदतें मिलकर बड़ा बदलाव लाती हैं। हमारी सिफारिश:
हर स्टडी सेशन से पहलेमूड चेक-इन और थॉट जर्नलकरें।
"आपके लिए अनुशंसित"गतिविधियाँ आज़माएँ — आपके मूड और लक्ष्यों के अनुसार।
महीने की थीम परदोनों वर्कशॉपमें भाग लें — लाइव या रिकॉर्डिंग से।
मासिक वेलबीइंग असेसमेंटदें और अपनी प्रगति ट्रैक करें।
कम्युनिटी चैलेंजमें शामिल हों और साथी छात्रों के साथ स्वस्थ आदतें बनाएँ।
जो भी परेशानी हो — छोटी हो या बड़ी — आपके पास तीन विकल्प हैं। अपनी ज़रूरत के अनुसार चुनें।
PeakMind का AI डिजिटल साथी — कभी भी, कहीं भी।
भारत सरकार की राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन — असली इंसान से बात करें।
योग्य मनोवैज्ञानिकों के साथ निजी 1-on-1 सेशन — जब आपको गहरी मदद चाहिए।
किसी भी विषय पर बात करें: